अलसी का चीला
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अलसी का चीला

ओमेगा-3 फेटी एसिड, प्रोटीन, लिगनेन, विटामिन बी ग्रुप आदि से भरपूर स्वास्थ्यप्रद अलसी से हम पिन्निया, चटनी, रोटी, परांठे या चीला बनाते हैं. प्रस्तुत है अलसी का चीला जिसे आप टिफिन में भी रख सकते हैं.

आवश्यक सामग्री -

  • गेहूँ का आटा - 1 कप (150 ग्राम)
  • अलसी का आटा - 1/4 कप (20 ग्राम)
  • दही - ½ कप
  • हरा धनिया - 2-3 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
  • तेल - 2-3 टेबल स्पून
  • अदरक पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
  • हरी मिर्च - 1 (बारीक कटी हुई)
  • काली मिर्च - ¼ छोटी चम्मच
  • नमक - ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार

विधि -

गेहूँ और अलसी के आटे को एक बडे़ प्याले में निकाल लीजिए इसमें फैंटा हुआ दही डालकर मिक्स करें और थोडा़ थोडा़ पानी डालते हुए गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिये. मिश्रण को दोसे के घोल जैसा पतला बना कर तैयार कर लीजिए.

अब इस घोल में नमक, काली मिर्च पाउडर, हरी मिर्च, अदरक और थोडा़ सा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए. इस घोल को 10-15 मिनिट के लिए ढककर रख दीजिए.

चीला बनाने के लिये घोल तैयार है. तवा को गरम होने के लिय गैस पर रखिये, तवे पर थोडा़ सा तेल डालकर नैपकिन पेपर या गीले कपड़े से फैलाते हुए तवे को चिकना कर लीजिये, आग को धीमा रखिये, हल्के गरम तवे पर 1 या 2 बड़ा चमचा घोल भर कर मिश्रण डालिये और चमचे से ही पतला, गोल चीला फैलाइये, अब थोडा़ सा तेल चीले के चारों ओर गोलाई में डालिये और थोडा सा तेल चीले के ऊपर चारों ओर छिड़कते हुये डालिये. आग को मीडियम कर लीजिए.

चीले की ऊपर की सतह का कलर बदलने और निचली सतह गोल्डन ब्राउन होने तक सेकिये, कल्छी की सहायता से चीले को पलटिये और इस सतह को भी ब्राउन चित्ती आने तक सेक लीजिये, सिका हुआ चीला प्लेट में निकाल लीजिए.

दूसरा चीला बनाने के लिए गैस को धीमा कर दीजिए, तवे पर पानी के छींटे डालकर तवे को थोडा़ ठंडा कर लीजिए और कपडे़ से पोंछ लीजिए. अब घोल को पहले की भांति तवे पर इसी प्रकार डाल कर सेक कर उतार लीजिये. सारे चीले इसी तरह सेक कर तैयार कर लीजिए.

अलसी के स्वादिष्ट चीले बनकर के तैयार हैं, इस चीला को हरे धनिया की चटनी टमैटो सॉस, नारियल की चटनी या दही में से किसी के भी साथ परोसिये और खाइये.

सुझाव :-

तवा को गरम होने पर चीला तवे पर फैलाइये, तवा पर्याप्त गरम नहीं होने पर बेसन का चीला तवे पर चिपक सकता है, मध्यम आग पर चीला सेकिये, तेज आग पर चिला नीचे से जल्दी से काला हो जायेगा जबकि वह अच्छी तरह सिका भी नहीं होगा.