जिमीकंद का अचार
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जिमीकंद का अचार

जिमीकन्द या सूरन के शेल्फ लाइफ भले ही कम होती है लेकिन गुण और स्वाद में इसका कोई मुकाबला नहीं. आप चाहे तो इसे तुरन्त बना कर भी प्रयोग कर सकते हैं.

आवश्यक सामग्री -

  • जिमीकंद - 250 ग्राम
  • नमक - 1.5 छोटी चम्मच
  • मेथी दाना - 2 टेबल स्पून (दरदरी पिसी हुई)
  • पीली सरसों - 2 टेबल स्पून (दरदरी पिसी हुई)
  • हींग - 2-3 पिंच
  • हल्दी - 1 छोटी चम्मच
  • अजवायन - 1/2 छोटी चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटी चम्मच
  • सिरका - 3 टेबल स्पून
  • सरसों का तेल - ¼ कप (4-5 टेबल स्पून)
  • काली मिर्च - ½ छोटी चम्मच

विधि-

जिमीकंद को छीलकर ½-½ इंच के छोटे-छोटे टुकडों में काट लीजिए. अच्छी तरह धोकर कुकर में डाल दीजिए और 1 कप पानी डाल कर उबाल लीजिए. 1 सीटी आने पर गैस धीमी कर दीजिए और धीमी आंच पर 2-3 मिनिट और उबलने दीजिए. गैस बन्द कर दीजिये और कुकर का प्रेशर खतम होने पर जिमीकंद को कुकर से निकाल लीजिये.

जिमीकंद को छलनी में डाल लीजिए, अतिरिक्त पानी निकलने के बाद, सूती कपडे़ के ऊपर फैलाकर 2 घंटे के लिए धूप में या पंखे के नीचे रख कर सुखा लीजिए.

जिमीकंद के सूख जाने के बाद, प्याले में रख लीजिए. अब नमक, मेथी दाने का पाउडर, पीली सरसों का पाउडर, हींग, हल्दी पाउडर, अजवायन, लाल मिर्च पाउडर, सिरका और सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिलने तक मिला लीजिए. काली मिर्च पाउडर भी डाल कर मिला दीजिए. अचार बनकर तैयार है.

अचार को आप अभी भी खा सकते हैं, लेकिन अचार का असली स्वाद 3 दिन बाद ही आता है जब मसाले अच्छी तरह जिमीकन्द के टुकड़ों में जज़्ब हो जाएंगे. अचार को रोजाना 1 बार चमचे से ऊपर-नीचे करते हुये मिला दीजिये. जिससे मसाले सही से मिक्स हो जायेंगे.

अचार के कन्टेनर को धूप हो तो धूप में 3-4 दिन के लिये रख दीजिए और यदि धूप नहीं तो अन्दर ही रखा रहने दीजिये.

जिमीकंद के अचार को 1 माह तक खाने के लिए उपयोग किया जा सकता है. अचार को फ्रिज में रख कर खायेंगे तब अचार को 6 माह तक रख कर खाया जा सकता है.

सुझाव:-

  •     अचार बनाते समय जो भी बर्तन इस्तेमाल करें, वे सब सूखे और साफ हों. अचार में किसी तरह की नमी और गन्दगी नहीं जानी चाहिये.
  •     अचार के लिये कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
  •     जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये, अचार जल्दी खराब नहीं होते.